अंजना ओम कश्यप ने फैलाई धर्मेंद्र की झूठी मौत की खबर? सनी देओल का गुस्सा और सोशल मीडिया का तूफ़ान

अंजना ओम कश्यप ने फैलाई धर्मेंद्र की झूठी मौत की खबर? सनी देओल का गुस्सा और सोशल मीडिया का तूफ़ान

कभी-कभी खबरें सिर्फ़ खबरें नहीं होतीं वो किसी के दिल पर वार होती हैं। कभी किसी के परिवार को तोड़ देती हैं और कभी पूरे देश को झकझोर देती हैं। 11 नवंबर 2025 वही तारीख़ जब पूरा देश अचानक एक खबर से हिल गया धर्मेंद्र अब नहीं रहे लेकिन कुछ घंटों में पता चला ये खबर झूठ थी
हाँ, झूठी और फिर मीडिया की साख, एक बार फिर कटघरे में थी।

सोशल मीडिया पर फैली अफवाह

रात करीब साढ़े नौ बजे, ट्विटर (अब X), फेसबुक और कई टीवी चैनलों पर अचानक एक ही खबर चलने लगी अभिनेता धर्मेंद्र का निधन हो गया। कुछ चैनल्स ने तो बैकग्राउंड में ओम शांति तक लिख दिया। एंकरों ने दुखी चेहरों के साथ श्रद्धांजलि तक दे डाली। लोगों ने सोचना शुरू कर दिया क्या सच में धरम पाजी नहीं रहे?और तभी धर्मेंद्र का परिवार सामने आया।

वैशाली मिश्रा ट्विटर प्रोफाइल

परिवार का बयान

हेमा मालिनी ने कहा धर्मेंद्र जी की तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन अब वो धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। कृपया ऐसी झूठी खबरें ना फैलाएं। ईशा देओल ने इंस्टाग्राम पर लिखा पापा बिलकुल ठीक हैं, जल्दी घर लौटेंगे। फर्जी खबरें फैलाना बंद करें। फिर कुछ घंटों बाद सनी देओल की टीम ने बयान जारी किया हम सब परेशान हैं कि बिना पुष्टि के धर्मेंद्र साहब की मौत की खबरें चला दी गईं। वो जीवित हैं, और स्वस्थ हो रहे हैं। बस इसके बाद सोशल मीडिया पर ग़ुस्से का ज्वालामुखी फूट पड़ा।

सनी देओल का गुस्सा

सनी देओल ने मीडिया से कहा पापा जिंदा हैं, वो लड़ रहे हैं और तुम लोगों ने उन्हें मार दिया कैमरे पर? शर्म करो उनकी आवाज़ में दर्द था और गुस्सा भी। क्योंकि जिसने अपने पिता को सांस लेते हुए देखा हो वो किसी न्यूज़ हेडलाइन में उनकी मौत नहीं देख सकता।

Priya Singh X profile

मीडिया में गलती कैसे हुई?

अब सवाल ये उठा झूठी खबर चली कैसे? कहा जा रहा है कि किसी व्हाट्सएप ग्रुप में ये अफवाह आई थी और फिर कुछ चैनलों ने बिना क्रॉस-चेक किए “ब्रेकिंग न्यूज़” के नाम पर इसे चला दिया। इनमें एक नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में आया अंजना ओम कश्यप (Aaj Tak) ट्विटर पर यूज़र्स ने पुराने क्लिप्स काटकर पोस्ट किए जहां अंजना की स्क्रीन पर “Breaking: Veteran Actor Dharmendra passes away” लिखा दिखा। हालांकि बाद में चैनल ने इसे डिलीट कर दिया और स्पष्टीकरण दिया कि यह “टेक्निकल एरर” था। पर तब तक देर हो चुकी थी।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का तूफान

#AnjanaOmKashyap ट्रेंड करने लगा। लोगों ने लिखा
तथ्य जांच के बिना खबरें चलाना अब पत्रकारिता नहीं, टीआरपी की भूख है। अगर धर्मेंद्र जैसे व्यक्ति को तुम झूठा मार सकते हो, तो आम आदमी का क्या भरोसा? कुछ ने तो वीडियो मीम बनाकर कहा अंजना जी, धरम पाजी अभी भी ज़िंदा हैं आपके चैनल की साख नहीं रील्स, ट्वीट्स, और पोस्ट्स में Aaj Tak और अंजना ओम कश्यप को जमकर घेरा गया।

Krk X Profile

मीडिया पर सवाल

मीडिया विशेषज्ञों ने कहा आजकल न्यूज़ चैनल्स में रफ्तार सबकुछ है। लेकिन रफ्तार की दौड़ में सत्य पीछे छूट गया है।
यह पहली बार नहीं था। इससे पहले भी कई चैनल्स “पहले दिखाने” के चक्कर में बिना पुष्टि के खबरें चला चुके हैं चाहे वो लता मंगेशकर के निधन की अफवाह हो, या रजनीकांत की तबीयत की फर्जी खबरें। लेकिन इस बार मामला बड़ा था
क्योंकि धर्मेंद्र, वो नाम है जो हर उम्र के दिल में बसता है।

जनता की प्रतिक्रिया

सनी देओल के समर्थकों ने कहा हम धरम पाजी के बेटे के साथ हैं। मीडिया ने जो किया वो माफ़ी योग्य नहीं। कई बॉलीवुड सितारों ने भी गुस्सा जताया जिम्मेदार पत्रकारिता का मतलब है पहले पुष्टि, फिर रिपोर्टिंग। कमेंट्स में लोगों ने लिखा हमने जब अंजना जी को रोते-धोते देखा, लगा कुछ सच है, पर वो तो झूठ निकला। यानी अब जनता मीडिया पर भरोसा करने से पहले सोचने लगी है।

मीडिया की गलती या सिस्टम की?

यह सिर्फ एक एंकर की गलती नहीं थी, बल्कि पूरे सिस्टम की थी जहां “सबसे पहले दिखाओ” का दबाव इतना बढ़ चुका है
कि “सही दिखाओ” कहीं गुम हो गया है। एक रिपोर्टर ने ट्विटर पर लिखा हमारे चैनल में 5 मिनट में 3 बार हेडलाइन बदली गई, किसी ने नहीं पूछा कि खबर सही है या नहीं। यानी न्यूज़ अब रेस बन चुकी है और जो पीछे रह गया, वो “धीमा पत्रकार” कहलाता है।

Anil Yadav X profile

धर्मेंद्र का जवाब

अगले दिन धर्मेंद्र जी का एक छोटा सा वीडियो आया —
जहां वो मुस्कुराते हुए बोले भाई, अभी ज़िंदा हूं… कुछ लोग जल्दी भेजना चाहते हैं ऊपर। लाखों लोगों ने राहत की सांस ली, कमेंट्स भरे पड़े थे “भगवान करे धरम पाजी 100 साल जिएं। लेकिन इस एक झूठी खबर ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया।

असर क्या पड़ा?

👉 Aaj Tak को कई प्लेटफॉर्म्स पर आलोचना झेलनी पड़ी।
👉 अंजना ओम कश्यप को मीम्स, रील्स और व्यंग्य पोस्ट्स में निशाना बनाया गया।
👉 कई लोगों ने कहा  “अब तो यूट्यूबर ही सच्ची खबरें दिखा रहे हैं। यानी एक घटना ने दिखा दिया कि जनता अब आँख बंद करके किसी चैनल पर भरोसा नहीं करती।

सनी देओल की अपील

सनी देओल ने आगे कहा “पापा जैसे लोग हमारे लिए भगवान हैं, कृपया ऐसी झूठी खबरों से बचिए। कुछ खबरें सिर्फ़ क्लिक के लिए नहीं होतीं, वो किसी की आत्मा को चोट पहुंचाती हैं। उनकी आँखों में नमी थी और वही दर्द था जो हर उस बेटे के दिल में होता है, जब उसे बिना वजह बताया जाए कि “उसका पिता अब नहीं रहा

जनता के लिए सबक

यह घटना हमें सिखाती है कि किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले दो स्रोत चेक करें। Breaking” देखकर भावनाओं में ना आएं। सोशल मीडिया के बजाय आधिकारिक बयान देखें। क्योंकि आज अफवाहें कैमरे से भी तेज़ दौड़ती हैं। धर्मेंद्र जी ने ज़िंदगीभर सिखाया सच्चाई और इंसानियत, दोनों से बड़ा कुछ नहीं। लेकिन लगता है हमारी मीडिया ये बात भूल गई है। खबरें सच दिखाने के लिए होती हैं, ना कि किसी के जिंदा होने पर मौत की झूठी स्क्रिप्ट लिखने के लिए। आज अगर कोई सबक लेना चाहिए,
तो वो यही रफ्तार में मत भागो, सच्चाई के साथ चलो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *