सासाराम में आधी रात का रहस्यमयी ट्रक – स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर क्या हुआ? CCTV बंद क्यों पड़ा था?
रात गहरी थी सासाराम की गलियों में सन्नाटा पसरा था लेकिन इसी सन्नाटे में, एक ट्रक ने करवट ली और कुछ ही मिनटों में, वह ट्रक स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर पहुंच गया। कहते हैं चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है लेकिन अगर ये उत्सव रात के अंधेरे में, बक्सों से भरे ट्रकों के बीच मनाया जाने लगे तो सवाल उठना लाज़मी है।
घटना बिहार के सासाराम की है। समय रात के करीब दो बजे। लोकसभा चुनाव या विधानसभा की तैयारियों के बीच स्ट्रॉन्ग रूम पूरी सुरक्षा में रखा गया था। लेकिन अचानक, एक ट्रक अंदर दाखिल होता है। चश्मदीदों के मुताबिक,
ट्रक में बड़े-बड़े बक्से लदे हुए थे जिन्हें अंदर पहुंचाने के बाद गेट तुरंत बंद कर दिया गया। अब सवाल यह नहीं कि ट्रक आया या नहीं सवाल यह है कि रात के 2 बजे स्ट्रॉन्ग रूम में कुछ भेजने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
CCTV का गायब होना
जैसे-जैसे यह खबर बाहर आई, लोगों ने कहा कि CCTV कैमरों का फीड 2 बजे से गायब था। मतलब ठीक उसी वक्त जब ट्रक अंदर गया, फीड बंद कर दी गई। क्या यह संयोग था? या किसी ने जानबूझकर फीड काटा? प्रशासन के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है।
ट्रक ड्राइवर का गायब होना
लोगों के मुताबिक, जब मीडिया या स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो ट्रक चालक को बिना पूछताछ के भगा दिया गया। अब सोचिए अगर ट्रक में सब कुछ वैध था, तो ड्राइवर से सवाल पूछने में डर कैसा? और अगर कुछ गलत था, तो फिर इतनी जल्दीबाज़ी क्यों?
प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय प्रशासन से पूछा गया कि आखिर ट्रक अंदर क्यों गया? लेकिन जवाब सिर्फ “जांच की जा रही है। ना CCTV फुटेज जारी किया गया, ना बक्सों की लिस्ट सामने आई, ना ड्राइवर की पहचान बताई गई। जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं क्या यह ईवीएम बदलने का मामला है? या चुनावी दस्तावेजों में हेरफेर?
जनता की नाराज़गी और सोशल मीडिया पर तूफान
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, लोगों ने एक ही सवाल पूछा आखिर ट्रक में क्या था? Twitter (अब X) Facebook और YouTube पर #SasaramStrongRoom ट्रेंड करने लगा। लोगों ने टैग किया
@CEOBihar
@ECISVEEP
और मांगा पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए
विपक्ष का हमला
विपक्षी पार्टियों ने इसे “चुनाव में गड़बड़ी की साजिश कहा।
कहा गया कि अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो रात के अंधेरे में ट्रक क्यों घुसा? कुछ नेताओं ने तो यहां तक कहा जब जनता सोती है, तब लोकतंत्र से खेला जाता है।”
जनता का डर और अविश्वास
साल 2025 का चुनाव पहले ही संवेदनशील है। हर वोटर को भरोसा चाहिए कि उसकी वोट सुरक्षित है। लेकिन जब CCTV बंद हों, ट्रक अंदर जाएं, और प्रशासन चुप रहे तो भरोसा कैसे बनेगा?
सवाल जो जवाब मांगते हैं
1️⃣ क्या प्रशासन यह बताएगा कि ट्रक में क्या था?
2️⃣ CCTV फीड 2 बजे से क्यों बंद था?
3️⃣ ट्रक ड्राइवर को पूछताछ के बिना क्यों छोड़ दिया गया?
4️⃣ क्या इस मामले में किसी अधिकारी पर कार्रवाई होगी?
5️⃣ और क्या जनता को CCTV फुटेज दिखाया जाएगा?
जनता की आवाज़
हमने वोट भरोसे से दिया था, लेकिन अब भरोसा टूटता दिख रहा है। अगर सब साफ है तो फुटेज दिखाने में डर कैसा?
रात के अंधेरे में क्या लोकतंत्र की नींव हिलाई जा रही है?”
निष्कर्ष और अपील
अब वक्त है कि प्रशासन पारदर्शिता दिखाए। जनता को बताया जाए कि रात के उस ट्रक में क्या था। अगर CCTV फीड में कुछ छिपा नहीं तो फुटेज जारी करने में देरी क्यों?
क्योंकि लोकतंत्र सिर्फ वोट से नहीं, विश्वास से चलता है।
सासाराम की ये आधी रात शायद बिहार की सुबह तय कर देगी। अब जनता सिर्फ एक बात कह रही है सच दिखाओ CCTV ऑन करो।
बिहार में खेल शुरू हो चुका है बाकी आप अपनी राय कमेंट सेक्शन में बताइए आप क्या कहना चाह रहे हैं इस पर डाक्विक रिपोर्ट इंडिया का सब्सक्राइब कीजिए आगे भी ऐसे ही न्यूज आपको मिलते रहेंगे

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