कुवैत से आई 20 लाशें लेकिन देश में खामोशी क्यों है? यह खबर सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि 20 परिवारों की दुनिया उजड़ने की कहानी है कुवैत से 20 भारतीयों की लाशें भारत लाई गई हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन मौतों पर आखिर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या है? देश के लोग जानना चाहते हैं उनके अपनों की मौत कैसे हुई जिम्मेदार कौन है? और उसी समय भारत की राजनीति अपने ही रंग में चल रही है रैलियां जारी हैं भाषण जारी हैं लेकिन इन मौतों पर सन्नाटा क्यों है? अब सवाल और बड़ा हो जाता है अगर यह सब किसी अंतरराष्ट्रीय तनाव या कथित “युद्ध जैसी स्थिति” की वजह से हुआ है तो क्या इसमें अमेरिका की भूमिका की जांच नहीं होनी चाहिए? क्या भारत सरकार इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखेगी? क्या इन 20 भारतीयों के लिए कड़ा विरोध दर्ज होगा? या फिर ये मामला भी समय के साथ दबा दिया जाएगा?

यह बहुत ही भयानक और डरावना है कुवैत से बीस लोगों की डेड बॉडी भारत लाई गई है सरकार ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है सरकार के मुखिया रैलियों में व्यस्त है सरकार बताए कि इन लोगों की मौत पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया है बेवजह के थोपे गए युद्ध में अगर भारतीयों की जान गई तो क्या इसके।लिए अमेरिका को दोषी नहीं ठहराया जाएगा क्या सरकार इन मौतों का कड़ा विरोध नहीं कर सकती है? आखिर इतना डर क्यों?💔 ये सिर्फ 20 लोग नहीं थे ये 20 सपने थे 20 परिवारों की उम्मीद थे और अब सिर्फ सवाल बनकर रह गए हैं

यह भी पढ़ें, नवरात्रि के बीच पुजारी पर बच्चियों से गलत हरकत का आरोप, जांच जारी
यह भी पढ़ें, गिरफ्तारी के बाद ये हालत क्यों? मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी केस में बड़ा खुलासा
