श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में देर रात भीषण विस्फोट इंस्पेक्टर समेत 10 की मौत! सिस्टम पर बड़े सवाल
श्रीनगर की रात अचानक एक ऐसे धमाके में बदल गई जिसने पूरे शहर को हिला दिया। नौगाम पुलिस स्टेशन में देर रात एक तेज़ और शक्तिशाली विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज़ इतनी भयावह थी कि पास के इलाक़ों में रहने वाले लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए।
घटना कैसे हुई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, विस्फोट रात क़रीब 12 बजे हुआ।
पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद कई अधिकारी और कर्मचारी अचानक इस धमाके की ज़द में आ गए। इस दुर्घटना में इंस्पेक्टर समेत कुल 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
कई घायल हैं, जिनका इलाज जारी है।
घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल
यह मामला सिर्फ़ एक ब्लास्ट नहीं है। यह देश की सुरक्षा, खुफिया एजेंसियों, और प्रशासन की क्षमता पर एक गहरी चोट है।
👉 हाई सिक्योरिटी ज़ोन में ब्लास्ट कैसे हुआ?
👉 क्या इंटेलिजेंस पूरी तरह फेल थी?
👉 क्या यह अंदरूनी सुरक्षा चूक है?
👉 केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी कहाँ है?
सिस्टम के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। जो जगह सबसे सुरक्षित होनी चाहिए थी, वहीं ब्लास्ट होना कई बड़ी कमियों की ओर इशारा करता है।

श्रीनगर में मातम परिवार बेहाल
धमाके के बाद पुलिस स्टेशन का दृश्य दर्दनाक था।
धुआँ, चीखें, भगदड़ और फिर चारों तरफ़ एक भारी सन्नाटा। मृतकों के परिवारों में मातम मचा हुआ है। इलाक़े में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच टीमें सक्रिय हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर उबाल
लोग लिख रहे हैं
जब पुलिस स्टेशन सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा?
सरकार की जवाबदेही पर सवालों की झड़ी है।
एक दर्दनाक रात, एक कड़वा सच
इस हादसे ने एक बार फिर साबित किया है कि सिस्टम सिर्फ़ भाषणों में मजबूत है मैदान में नहीं। देश शोक में है। और जवाब अभी भी हवा में तैर रहे हैं।
जब हमारी राजधानी दिल्ली में ब्लास्ट हो सकता है तो फिर पुलिस स्टेशन क्या चीज है हमारे देश में अपराध बढ़ चुका है आप सब इस पर क्या कहना चाहते हैं कमेंट सेक्शन में बताइए
